चंदौली के DM ने बदली स्कूली शिक्षा की तस्वीर, शुरू किया ‘सेल्फी विद अटेंडेंस’ कार्यक्रम
यूपी के चंदौली जिले के स्कूलों में डीएम के आदेश पर प्रार्थना के साथ बच्चों और शिक्षकों की सेल्फी भी ली जाती है. ये सेल्फी महज शौक के लिए नहीं है. इसका एक मकसद भी है. सेल्फी से पता चलता है कि स्कूल में कितने शिक्षक और बच्चे आ रहे हैं सेल्फी लेने के बाद ये तुरंत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भेज दी जाती है. इस पहल के बाद स्कूलों में शिक्षकों औऱ बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है.

विद्यालय में हैं सिर्फ तीन से चार अध्यापक

चंदौली:  यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ एक्शन में हैं तो अफसर भी नए-नए आइडियाज के साथ एक्शन दिखा रहे हैं. चंदौली के डीएम ने स्कूलों की हालत सुधारने के लिए ऐसी मुहिम शुरू की है जिसका अच्छा असर दिख रहा है.

क्या है ये मुहिम

यूपी के चंदौली जिले के स्कूलों में डीएम के आदेश पर प्रार्थना के साथ बच्चों और शिक्षकों की सेल्फी भी ली जाती है. ये सेल्फी महज शौक के लिए नहीं है. इसका एक मकसद भी है. सेल्फी से पता चलता है कि स्कूल में कितने शिक्षक और बच्चे आ रहे हैं सेल्फी लेने के बाद ये तुरंत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भेज दी जाती है. इस पहल के बाद स्कूलों में शिक्षकों औऱ बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है.

विद्यालय में हैं सिर्फ तीन से चार अध्यापक

बिहार सीमा से सटा यूपी का चंदौली जिला नक्सल समस्या के लिए बदनाम रहा है. नक्सल समस्या से जूझते रहे यहां के नौगढ़ ब्लाक में 150 प्राथमिक विद्यालय हैं और सभी विद्यालय पर तीन से चार अध्यापक हैं, लेकिन यहां पढ़ाई लिखाई खस्ताहाल थी. इसी साल फरवरी में शुरू हुए सेल्फी विद अटेंडेंस कार्यक्रम से स्कूलों में अध्यापकों के आने की तादाद भी बढ़ी है औऱ बच्चों की भी.

इस कार्यक्रम से बच्चे और घर वाले काफी खुश

एबीपी न्यूज की टीम ने चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक में आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में स्कूलों की हालत जानी तो सेल्फी विद अटेंडेंस कार्यक्रम से बच्चे और उनके घरवाले काफी खुश दिखे. एक ढर्रे पर चल रही शिक्षा व्यवस्था में बदहाली का रोना तो खूब रोया जाता है, लेकिन चंदौली के डीएम ने जैसी पहल की है वैसी पहल इसी व्यवस्था में उम्मीद की किरण भी दिखाती है.

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